एसडीएम (SDM) कैसे बने? | एसडीएम का फुल फॉर्म और अर्थ क्या है | SDM kya hai

एसडीएम क्या है?  SDM KYA HAI

सभी जिले में एक उप प्रभागीय न्यायधीश अर्थात एसडीएम होता है।जो जिले के सभी जमीन व्यापार पर देखभाल करता है,जिले की सभी भूमि का लेखा-जोखा सीएम के देखरेख में रहता है। 1 जिले में सबसे ज्यादा पावर DM के पास होती है,लेकिन उसके बाद उप जिला अधिकारी यानि (sub-district magistrate)एसडीएम, दूसरे नंबर पर सबसे पावरफुल होता है।एसडीएम का पद जिम्मेदारी से भरा होता है, एसडीएम से प्रमोट होकर (DM)डीएम बनते हैं। डीएम का पद राज्य प्रशासनिक सेवा में पावर में सबसे अधिक है।

SDM (एसडीएम) का फुल फॉर्म:-

 Sub-Divisional Magistrate (उप-प्रभागीय न्यायाधीश) कहा जाता हैं।

एसडीएम कैसे बने:-

एसडीएम बनने के लिए दो रास्ते हैं। पहला आप UPSC की परीक्षा के द्वारा SDMऑफिसर बन सकते हैं।और दूसरा राज्य स्तर की सिविल सर्विस की परीक्षा जैसे-पीसीएस(PCAS)की परीक्षा द्वारा भी आप इस डीएम ऑफिसर बन सकते हैं।

एसडीएम की योग्यता क्या होनी चाहिए:-

एसडीएम बनने के लिए आपको किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट होना चाहिए। एसडीएम बनने वाले अभ्यर्थी को किसी भी विषय में 55% अंक के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों के लिए 5% अंक तक की छूट दी गई है। सिविल सर्विस परीक्षा की सबसे अच्छी बात यह है, कि इसमें सारे स्ट्रीम के बच्चे बैठ सकते हैं।इसमें ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में भी है, तो आप यह एग्जाम दे सकते हैं।

एसडीएम बनने के लिए आयु सीमा:-

एसडीएम की एग्जाम यानी यूपीएससी का एग्जाम में न्यूनतम आयु 21 वर्ष होती है। इसके अलावा भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांग व्यक्तियों को भी अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाती है। हर राज्य में पब्लिक सर्विस कमीशन भी समय-समय पर एग्जाम कंडक्ट करता है।

एसडीएम के कार्य:-

अपने जिले की भूमि का लेखा-जोखा एसडीएम के देखरेख में होता है।,SDM के उपखंड के सभी तहसीलदारों पर प्रत्यक्ष नियंत्रण होता है, इसके अलावा विवाह रजिस्ट्रेशन,विभिन्न प्रकार के पंजीकरण, अनेक प्रकार के लाइसेंस जारी करवाना, नवीकरण करवाना,प्राकृतिक /दैवीयआपदा (बाढ़़ अग्निकांड, भूकंप,भूस्खलन शीतलहरों, बादल फटने…………..

एसडीएम का वेतन:-

अलग-अलग राज्यों में SDM की सैलरी अलग-अलग होती है। सामान्यता 1एसडीएम  के मासिक वेतन 50 से 60 हजार रुपए प्रतिमाह मिलता है।इसके अलावा इन्हें अनेक वेतन भत्ते टीए, लिए,अलग से दिए जाते हैं।कई जिम्मेदारी के साथ शानदार वेतन होते हैं।इन अधिकारियों की शुरुआती वेतन ₹56100 रूपए तक हो सकता है।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.