NCERT क्या है और इसका क्या मतलब है पूरी जानकारी हिंदी में | NCERT FULL FORM

 

NCERT का full form

National Council of Educational Research and Training

(राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद )

एनसीआरटी क्या है ?

एनसीआरटी भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है,जो कि विद्यालय शिक्षा से जुड़े मामलों पर केंद्रीय सरकार एवं प्रांतीय सरकार को सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित की गई है। एनसीईआरटी का मुख्यालय नई दिल्ली है एनसीआरटी के संस्थापक भारत सरकार है।एनसीआरटी के वर्तमान अध्यक्ष शिक्षावित प्रोफेसर हृषिकेश सेनापति है। वह सितंबर 2015 से इस पद पर हैं। और उनके कार्यकाल में अब तक एनसीईआरटी प्राथमिक माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर की शिक्षा में सुधार लाए जाने में कई परिवर्तन किए हैं। 

NCERT को तीन भागों में बटा हुआ है।

  1. व्यवस्थापिका समिति
  2. परिषद कार्यालय
  3. शैक्षिक अध्यक्ष बोर्ड

Ncert की स्थापना कब और क्यों हुई।

एनसीआरटी बोर्ड की स्थापना भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के द्वारा किया गया था, 27 जुलाई सन्1961 को एनसीईआरटी की स्थापना हो गई थी।लेकिन संपूर्ण कार्य सितंबर सन्1961 को शुरू किया गया था।

विद्यालय शिक्षा से जुड़े मामलों पर केंद्रीय सरकार एवं प्रांतीय सरकार को सलाह देने के उद्देश्य से स्थापित की गई है।

एनसीईआरटी के कार्य:-

  • शिक्षा के स्तर में राष्ट्रीय स्तर पर सुधार एवं वृद्धि करना।
  • राष्ट्रीय स्तर पर सभी राज्यों में एक समान पाठ्यक्रम निर्धारण व शैक्षिक विकास को सुनिश्चित कर केंद्र तथा राज्यों में समन्वय स्थापित करती है।
  • विज्ञान व तकनीकी विकास के लिए परिषद यूनेस्को व यूनिसेफ के सहयोग से विद्यालयी शिक्षा में सुधार करना।
  • परिषद कार्यरत शिक्षकों की ज्ञान विधि व कौशल बढ़ाने के लिए सेमिनार व कार्यशालाओं का आयोजन।
  • शिक्षा के विकास के लिए कुशल एवं सुयोग्य शिक्षक तैयार करने के उदेश्य से शिक्षण प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
  • परिषद विस्तार कार्यक्रमों के अंतर्गत पुस्तकों का प्रकाशन, सर्वेक्षणों का  प्रकाशन एवं पत्रिकाओं का प्रकाशन आदि कार्य करती है।

एनसीईआरटी का उद्देश्य:-

  • शैक्षिक अनुसंधान का संचालन और बढ़ावा देने के लिए।
  • नवीन प्रथाओं और विचारों के साथ शिक्षा का प्रयोग करना।
  • पाठ्यक्रम पाठ्य पुस्तकों और NCF अर्थात राष्ट्रीय पाठ्यचार्य की रूपरेखा विकसित करने के लिए।
  • शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल, गतिविधि, कीट, रणनीति और अन्य सीखने की कीट  जैसे की वीडियो, ऑडियो और इंटरएक्टिव कार्य प्रणाली विकसित करने के लिए।
  • पूर्व सेवा और in-service शिक्षकों जैसे शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • राष्ट्रीय के साथ-साथ राज्य स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना।अंतरराष्ट्रीय,राष्ट्रीय और राज्य संगठनों के साथ सहयोग करने के लिए।

सीबीएसई और एनसीआरटी में अंतर:-

एनसीईआरटी को हिंदी में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और सीबीएसई को हिंदी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा(Central board of secondary education)बोर्ड के नाम से जाना जाता है।सीबीएसई शिक्षा बोर्ड है,जो सीबीएसई से संबद्ध छात्रों के लिए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार है।यह एक शासी निकाय है।दूसरी और एनसीईआरटी एक स्वायत्त निकाय है, जो सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम डिजाइन करने के लिए जिम्मेदार है।

एनसीईआरटी किताब की महत्व:-

एनसीईआरटी की पुस्तक न केवल आपके शैक्षिक पाठ्यक्रम को कवर करती है, बल्कि आपके मूल सिद्धांतो को भी एक ठोस आधार प्रदान करती है।

सभी प्रवेश परीक्षा जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग यहां तक कि UPSC में भी एनसीईआरटी की तैयारी में भी बहुत ज्यादा महत्व होता है।

इसलिए अपने बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना और अपने सपनों के करियर को साकार  करने के लिए आपको एनसीईआरटी की पुस्तक पढ़ना बहुत जरूरी है।

एनसीईआरटी का इतिहास:-

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की स्थापना के लिए 27 जुलाई 1961 को हल किया। जिसने 1 सितंबर 1961 को औपचारिक रूप से संचालन शुरू किया।

इस परिषद का गठन सात मौजूदा राष्ट्रीय सरकारी संस्थानों अर्थात् केंद्रीय संस्थान को मिलाकर किया गया था। 

 

सेंट्रल बुक ऑफ रिसर्च बुक, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ एजुकेशनल एंड वोकेशनल गाइडेंस, माध्यमिक शिक्षा के लिए विस्तार कार्यक्रम निदेशालय, राष्ट्रीय बेसिक शिक्षा संस्थान, राष्ट्रीय मौलिक शिक्षा केंद्र और नेशनल

इंस्टिट्यूट ऑफ़ ऑडियो- विजुअल एजुकेशन।

 

यह राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से अलग है।

 एनसीईआरटी को शिक्षा का एक सामान्य प्रणाली को डिजाइन और समर्थन करने के एजेंट के साथ स्थापित किया गया था। जो चरित्र में राष्ट्रीय और  देश भर में विद्युत संस्कृति को समक्ष और प्रोत्साहित भी करता है।

शिक्षा आयोग (1964- 66) की सिफारिश के आधार पर शिक्षा पर पहला राष्ट्रीय नीति वक्तव्य 1968‌ में जारी किया गया था।

नीति में देशभर में स्कूली शिक्षा के एक समान पैटर्न को अपनाने का समर्थन किया गया था, जिसमें समान शिक्षा कार्यक्रम के 10 वर्ष शामिल थे। 2 साल के विविधतापूर्ण स्कूल शिक्षा।

वर्ष 1963 में राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिभा खोज योजना(NTSS) के गठन के पीछे भी एनसीईआरटी का हाथ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में

प्रतिभाशाली छात्रों का पोषण करना और उन्हें छात्रवृत्ति के साथ पुरस्कृत करना था।

(NTSS) ने वर्ष 1976 में शिक्षा के 10 + 2 +3 पैटर्न की शुरुआत के साथ एक बड़ा बदलाव किया।

इस कार्यक्रम का नाम बदलकर राष्ट्रीय प्रतिभा खोज योजना रखा गया था। जो अब कक्षा X,X।,X।। , के लिए आयोजित किया जा रहा है। वर्तमान में NTSE परीक्षा केवल भारत में 10वीं के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

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