NBA क्या है पूरी जानकारी | NBA प्राप्त करने में बहुत से फायदे हैं

NBA क्या है?

भारत के शिक्षा संस्थानों और उनमें पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम प्रोग्रामों को मान्यता प्रदान करने के लिए NAAC और NBA का गठन किया गया है‌ । 

NAAC (National Assessment and Accreditation Council)

NBA की स्थापना AICTE(All India council for technical education) द्वारा 1994 को की गई थी। वर्ष 2010 के बाद NBA को स्वतंत्र निकाय body बना दिया गया। NBA का कार्य सभि प्रोग्रामों का मुल्यांकन करके मान्यता प्राप्त करना है, जो AICTE के अधिन आते हैं।

NBA का मुख्य कार्यलय दिल्ली में स्थित है।

NBA का फुल-फोर्म– (National board of accreditation) राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड

 

NBA का इतिहास:- पिछले कुछ वर्षों एवं दशक से भारतीय शिक्षा में भी काफी विकास कर रही है, और NBA इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है।

भारत में पढ़ाए जा‌ने‌ वाले Diploma, Bachelor, Master के प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए NBA  ही अभी तक का सबसे प्रमुख कार्यालय है।

 सरकार भी इस बात से सहमत है, और इसी वजह से AICTE ने भी 2022 तक इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट प्रोग्रामिंग के लिए मान्यता प्राप्त करने का अधिकार NBA को ही दिया है।

NBA का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मानकों को ही एक मान्यता बनना है। वर्ष 2014 से ही यह वाशिंगटन समझौता का सदस्य बनना उन programmes की पर्याप्त समानता को सुनिश्चित करता हैं। जिन्हें अन्य सदस्यों द्वारा मान्यता प्राप्त है।

NBA प्राप्त करने में बहुत से फायदे हैं:-

जो भी college या शिक्षण संस्थान NBA

द्वारा मान्यता प्राप्त कर लेते है।वे highest quality के education provide करने वाले college या शिक्षण संस्थान माने जाते हैं। इसका मुख्य कारण NBA द्वारा गठित committee का quality cantrol पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाना है।

अगर हम NBA की मान्यता प्राप्त किसी college या शिक्षण संस्थान degree प्राप्त करते हैं। उन्हें वे degree बहुत valuable यानी जाती है। इससे हमें job लेने में काफी राहत मिलती है।

 

कैसे करें मान्यता प्राप्त:-

NBA के लिए हमें सबसे पहले तत्परता की जांच करना एवं registration करना होता है।और इसके लिए हमें self assessment report (SAR) तैयार करना होता है। इसके बाद हमें NBA के लिए आवेदन करना एवं SAR जमा करना होता है। फिर NBA टीम के द्वारा इसका दौरा एवं मूल्यांकन किया जाता है। हमें मूल्यांकन report एवं EAC(economic advisory

council)द्वारा सिफारिश प्रस्तुत करना होता है।इसके पश्चात् academic advisory committee द्वारा accreditation अपना निर्णय लेती हैं।

 

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