कंप्यूटर की पीढ़ी | कंप्यूटर का जनरेशन

कंप्यूटर का जनरेशन

फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर 

  • 1940 1955 तक कंप्यूटर की पीढ़ी मानी जाती है ।
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर में विद्युत प्रभाव के लिए वेक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था ।
  • स्पीड के कंप्यूटर में इनपुट पंच कार्ड के द्वारा दिया जाता था । 
  • इस पर नाले का स्टोरेज डिवाइस मैग्नेटिक टेप था । 
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर का लैंग्वेज बाइनरी लैंग्वेज था स्पीड के कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम बैच ऑपरेटिंग सिस्टम था । 
  • इस पीटी  के कंप्यूटर के स्पीड को मिली सेकंड में मापा जाता है । 
  • पहले पीढ़ी के कंप्यूटर का नाम ENIAC , UNIVAC-1 , EDVAC , MARK -1  etc.. था ।

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी | सेकंड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर

  • 1956 से 1964 तक के कंप्यूटर को सेकंड जनरेशन यानी दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर माना जाता है ।
  • दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर का उपयोग किया गया था । 
  • दूसरे के कंप्यूटर का आकार पहली पीढ़ी के कंप्यूटर से छोटा था । 
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर का भी स्टोरेज डिवाइस मैग्नेटिक टेप था । 
  • स्पीड कंप्यूटर का स्पीड माइक्रो सेकंड स्पीड में मापा जाता था ।
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रेन और को बोल जोकि हाई लेवल लैंग्वेज है इसका उपयोग किया गया था । 
  • ट्रेन का उपयोग वैज्ञानिक और गणितज्ञ क्या करते थे और बिजनेस में उपयोग किया जाता था । 
  • इसका ऑपरेटिंग सिस्टम हाई लेवल लैंग्वेज टू 01 था ।
  • दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर का नाम आईपीएल 1401 एनआरसी 304 मेनफ्रेम कंप्यूटर इत्यादि .. 

थर्ड जनरेशन ऑफ कंप्यूटर तीसरी पीढ़ी

  • 1964 से 1975 के कंप्यूटर को कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी माना जाता है । 
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर में विद्युत प्रवाह के लिए आईसी यानी इंटीग्रेटेड सर्किट का इस्तेमाल किया गया था । 
  • स्पीडी के कंप्यूटर के स्पीड को नैनो सेकंड में मापा जाता है । 
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर में इनपुट और आउटपुट डिवाइस के लिए हार्डवेयर का इस्तेमाल होने लगा । 
  • इस पीढ़ी के कंप्यूटर को रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम कहते हैं। 
  • रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम दो प्रकार के होते हैं पहला हॉट रियल टाइम दूसरा सॉफ्ट रियल टाइम । 
  • कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी का नाम आईबीएम 360 पीडीपी8 पीडीपी11 

फोर्थ जनरेशन ऑफ कंप्यूटर कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी

 

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