Indian army – भारतीय सेना क्या होता है? || what is indian military academy ?

ARMY की फुल फॉर्म क्या होती है? ARMY Full form Army का पूरा नाम Alert Regular Mobility Young है ।Army शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के Armata शब्द से हुई है…

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डॉक्टर क्या है

  कहते हैं भगवान का दूसरा रूप डॉक्टर होते हैं .   जिसमें डॉक्टर का परम कर्तव्य होता है कि इंसानों की मदद करना होता है दूसरे पर रहम करना होता…

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इंडियन आर्मी Explained in Fewer than 140 Characters || All You Need To Know About इंडियन आर्मी

Indian army full-form - Indian alert regular mobility young(भारतीय थल सेना) देश के सरहद सुरक्षा के लिए सेना का गठन किया गया है, जिसको army कहा जाता है। भारतीय जवान…

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15 अगस्त क्या है?

15 अगस्त 1947 ईस्वी को हमारा देश आजाद हुआ था ।  सचिन सभी भारत वासियों की खुशी मिली थी ।  हमारा भारत 200 वर्षों से अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों में जकड़ी हुई थी ।  इस गुलामी में के कष्टों का भंडार का उसे सहन करना पड़ा ।  15 अगस्त को स्वतंत्रा दिवस के नाम से भी जाना जाता है, तथा अंग्रेजी में इससे इंडिपेंडेंस डे (independents day) के नाम से भी जानते हैं ।  जैसा कि आपको मालूम है कि सभी देश कभी ना कभी किसी देश का गुलाम रहा ।  इसलिए 15 अगस्त सभी देश को लोग धूमधाम से मनाते हैं । 

15 अगस्त क्यों मनाई जाती है ?

15 अगस्त 1947 ईस्वी को हमारा देश आजाद हुआ था । हमारा देश लगभग 200 वर्ष बिक्री सरकार द्वारा गुलामी की जंजीरों में जकड़ी हुई थी । 15 अगस्त के दिन एक नए भारत का जन्म हुआ, इस दिन को पाने के लिए ना जाने कितनी वीरों की प्राण की आहुति देनी पड़ी कितने महिला बच्चों बुजुर्गों की जान की बाजी लगाने पर क्या-क्या तकलीफे उठाकर, जिसका विवरण जितना करो उतना ही कम है।  जैसे हमारे वीर पुरुष भगत सिंह को कम ही उम्र में फांसी दे दी।  इससे हमारे देश के लोगों को आज इतिहास के पन्ने में उनका नाम याद किया जाता है।  हमारे भारतीय को नमक बंद कर दिए लेकिन धन्य हो हमारे गांधी जी को जिन्होंने हमें नमक बना कर दिए । आज भी हम लोग उन्हीं के दिन के वजह से नमक खाते हैं ऐसा ऐसा बहुत से कारनामे किए । 

एक रोचक की कहानी है जिसे सुनने के बाद आपकी रूह कांप उठेगी जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में आप शायद जानते होंगे । उसमें हमारे भारतीय जनता इकट्ठा होकर कुछ बातें कर रही थी ।  तभी वहां जनरल डायर को मालूम चला कि हमारे खिलाफ जलियांवाला बाग में साजिद चल रहा है।  लेकिन डर के खिलाफ कोई साजिश वाली बातें नहीं थी । वहां मेला की लगा हुआ था और दूसरे आदमी घूमते घूमते वहां आ गए थे।  लेकिन बहुत पक्का होने की वाली बात यह भी है कि उस भाग में सिर्फ एक ही द्वार था वही जनरल डायर ने फायरिंग का आदेश दे दिया बिना समझे हुए जिससे ना जाने कितने दिवस मासूम की जाने चली गई जिसमें गोली रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था जिसमें लोग अपनी जान बचाने के लिए बहुत लोग हुए में कूद गए और कुछ समय में जमीन का रंग लाल हो गया 370 की मौत हुई 1000 लोगों की हत्या हुई सभी बातों को याद करते हमारे आत्मा अभी भी क्लब जाते हैं इन सभी हीरो के आत्म लिदान को याद करते हुए हम 15 अगस्त मनाते हैं और इसका भी कारण है कि फिर कोई लुटेरे आगे हमारे देश पर कब्जा करके हमें गुलाम ना बनाएं । 

15 अगस्त का इतिहास?

यह एक रोचक भरी इतिहास है, इससे जाना हर भारतीय इच्छुक रहेंगे । दिल्ली में 14 अगस्त को शाम से ही जोरदार बारिश हो रही थी।  रात 9:00 बजे से बस से रायसीना हिल्स पर करीब 500000 लोग इकट्ठा हुए तथा पंडित जवाहरलाल नेहरू राजेंद्र प्रसाद सरदार वल्लभभाई पटेल और माउंटबेटन भी करीब 10:00 बजे हुआ है । जरा में इकट्ठा हुए बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था ।  14 अगस्त 1947 ईस्वी के रात 12:00 बजने में कुछ ही देर बाद के थे । तब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दो लाइन कह कर अपना प्रवचन शुरू कर दिया । 

A the stroke of the midnight ours

Way the birds sleep India will life and freedom

चंद ही मिनट में 12:00 बजे और 15 अगस्त का यह दिन खुशियां लेकर आया ।  190 सालों बाद बैटरी सुकोमल से देश स्वतंत्र हुआ।  लेकिन खुशियों के साथ उतना ही गम था, क्योंकि भारत ने अपना 346737 स्क्वायर पूरा विस्तार करीब 800000 लोगों को एक ही रात में गवा दिए।  देश दो टुकड़ों में विभाजित हुआ था । हिंदुस्तान और पाकिस्तान हिंदुस्तान यूं ही आजाद नहीं हुआ 15 अगस्त से बहुत पहले ब्रिटिश हुकूमत का अंत होना शुरु हो गया था।  महात्मा गांधी के जन आंदोलन से देश में नई क्रांति की शुरुआत हुई थी तो एक और सुभाष चंद्र बोस के आजाद हिंद के फौज ने अंग्रेजों का जीना दुश्वार कर रखा था । ऊपर से दूसरे विश्वयुद्ध से ब्रिटिश सरकार के पास इतना दम नहीं था कि वह हिंदुस्तान पर ज्यादा दिन तक हुकूमत करें इसलिए माउंटबेटन को भारत आखिरी वायसराय बनाया ताकि देश के अधिकारिक तरीके से स्वतंत्र देश को अंग्रेजों ने शुरुआत में 3 जून 1848 इसवी और देश आजाद करने की घोषणा की थी । लेकिन मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान नामक अलग मूर्ख बनाने की ठान ली थी।  जिसके चलते देश में कई जगह संप्रदायिक ऐसा चलने लगा विकट परिस्थितियों को देखकर अंग्रेजों ने भारत को हो सके जितना जल्दी स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर देना चाहते थे, क्योंकि अंग्रेजों को भी भारत को एक टुकड़े नहीं दो टुकड़े में विभाजित करना था । स्वतंत्रता के लिए दिन 15 अगस्त ही क्यों चुना गया था।  इसके लिए हम भारतीय ही नहीं शुभ अशुभ मानते हैं, बल्कि अंग्रेज भी उतना ही मानते थे।  माउंटबेटन मानना था 15 अगस्त का दिन शुभ है, क्योंकि 15 अगस्त दिन ही जापान ने सरणागति स्वीकारी थी । और इसके ऑफिशियल सन 2 सितंबर को हुए थे।  इसलिए बेनटेन के अनुसार राष्ट्र मित्र के लिए शुभ था तो रात 12:00 बजे के वक्त ही क्यों लिया । क्योंकि भारत के ज्योतिषियों का मानना था कि वह वक्त देश के स्वतंत्रता के लिए शुभ है तय किया गया था । पंडित नेहरू को रात 12:00 बजे पहले अपना स्पीच 12:00 बजे से पहले ही समाप्त कर देनी है।  फिर चकना के साथ भारतीय लोकतंत्र की शुरुआत होगी ठीक इसी प्रकार हुआ 15 अगस्त सुबह 8:30 में पंडित नेहरू और कैबिनेट ने पद और गोपनीयता की शपथ ली रात के लगातार बारिश के वजह से सुबह आसमान बिल्कुल साफ था।  

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शिक्षा क्या है? – कार्य, प्रकार, विशेषताएँ एवं निबंध || shiksha kya hai

कहने को तो हम इंसान है । पर सही मायनों में इंसान हमें शिक्षा ही बनाता है। आज की तारीख़ में शिक्षा की बात करें, तो ये प्राण वायु की…

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शिक्षा क्या है

शिक्षा क्या है  ? शिक्षा का शुरुआत संस्कृत से हुआ शिक्षा को अंग्रेजी में एजुकेशन कहते हैं या शब्द ब्रिटेन से लिया गया है एडु का अर्थ होता है आगे…

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